ये भी मुमक़िन है कि मिल जाएँ कहीं दोनों हमपर ज़रूरी तो नहीं मिलना ज़रूरी हो हमेंजिस मुलाक़ात का वा'दा था बिछड़ने के वक़्तवो मुलाक़ात हमेशा ही अधूरी हो हमें— ALI ZUHRI