वो हँसे चुपके हँस जाने पे
रोती है मुझ सा दीवाने पे
इश्क़ उस को नहीं मुझ से अब
प्यार है उस के ये गाने पे
यूँ किसी से मैं हारा नहीं
हारा ख़ुद से उसे पाने पे
मैं तो तेरा हूँ ही क्या मगर
मेरा होना तेरे आने पे
इतने तो हम बुरे हैं ही की
याद आएँगे मर जाने पे
— Yogamber Agri















