
चुप रहेंगे या कहेंगे और तो ग़म क्या सहेंगे
रक्त अपनों के बहेंगे और मरहम क्या लगेंगे
जानते हैं वो सियासत के बड़े उम्दा खिलाड़ी
पर मुक़ाबिल पा हमें पूछेंगे "अब हम क्या करेंगे
— Zain Aalamgir
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