बुरे मंज़र भी आँखों को डराना छोड़ देते हैंये लब जब तल्ख़ हो कर मुस्कुराना छोड़ देते हैंअजब माली है अच्छे फूलों को ही तोड़ लेता हैजो अच्छे हैं वही अक्सर ज़माना छोड़ देते हैं— Shivam Tiwari