ज़मीं पर गर किसी ने चाँद और तारा नहीं देखा

तो उस ने भी तिरी बिंदिया तिरा ग़ज़रा नहीं देखा

तिरे ही चेहरे को देखने की जिद्द इसे क्या है
बहुत ही खूब है दुनिया मगर दुनिया नहीं देखा

वक़्त का पाबन्द था जो बहुत, तेरे इश्क़ में वो
इक अरसे से घड़ी का है मगर कांटा नहीं देखा

चिढातें है सभी के आइडी पाकर तिरा लाइक
मिरे पोस्ट पे तो तुम ने कहा 'अच्छा नहीं देखा

नगर में है पकाता अधपकी वो रोटियां सारी
कि घर का लाडला था वो कभी चूल्हा नहीं देखा

अदब भी हो ,अना भी हो,नहीं मुमकिन जो कहतें हैं
अभी उस ने है आतिश नाम का लड़का नहीं देखा

— Aatish Alok

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