बदन से वो लिबासों को हटाना चाहता है
अदब से देखना पर, यह भरोसा चाहता है
तुम्हारा भी हो सकता हूँ बढ़ाओ चाहतें और
अभी उसका हूँ जो तुम सेे ज़ियादा चाहता है
'अजब हो ढूढ़ते हो बेवफ़ाई में वफ़ाएँ
मोहब्बत कौन इस हद तक निभाना चाहता है
हमेशा ही ख़फ़ा रहने का कारण यार समझो
मोहब्बत इस तरह से वो जताना चाहता है
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