ऐश-ओ-इशरत से सज़ा काट रहे हैं साहब
जेल में रह के मज़ा काट रहे हैं साहब
आप सरपंच बने और नहाई गंगा
हम गरीबी की सज़ा काट रहे हैं साहब
जेल में रहने का भुगतान हमें देते हैं
इसलिए उनकी सज़ा काट रहे हैं साहब
एस्ट्रोनॉट हैं हम धरती पे जाना जब से
एक इक पल का मज़ा काट रहे हैं साहब
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