सारी दुनिया में कोहराम थाउस के लब पे मेरा नाम थावो मिले भी बिछड़ भी गएये सज़ा थी या इन'आम थाख़ूब-रू थी कहानी मगरजो कहानी का अंजाम थाथोड़ा अच्छा था थोड़ा बुराजो भी था मैं सर-ए-आम थातू ने भी मशवरे ही दिएसाथ देना तेरा काम थाहर तरफ़ ख़्वाबों की लाशें थींमेरी आँखों में आसाम था— Adv Aaves Shaikh