Darpan
Darpan
Ghazal

दिन होता है सबका अपना दिन होता है,

ऐसा दिन जब जो चाहो मुमकिन होता है

जैसे-तैसे आख़िर में वो हाँ कहती है
लेकिन उस की हाँ में भी 'लेकिन' होता है

चाहे जितना वहशत का माहौल बना लो,
फूल मगर क़ुदरत से ही कमसिन होता है

अव्वल इश्क़ का होना ही होता है मुश्किल,
उसपर इश्क़ निभाना और कठिन होता है

इस के आगे हिज्र नहीं समझा सकता मैं -
"एक मसाइल है जो तेरे बिन होता है

दर्पन धूप बिखर जाती है चारों सम्त,
लेकिन साया.. साया है साकिन होता है

— Darpan

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