"दुपट्टा"

चले जा रहे हैं वो गुम हैं ख़यालों में धरती पे लटका हुआ है दुपट्टा
ख़बर होगी तब तक सरक जाएगा सब यूँ काँटों में अटका हुआ है दुपट्टा

ज़ियादा हिलो मत इधर से उधर तुम कहीं फट न जाए बहुत क़ीमती है
कराया गया है फ़रिश्तों से तैयार काँटों में अटका हुआ है दुपट्टा

इधर से उधर तुम न हिलना न डुलना बस ऐसे ही रहना अभी आ रहा हूँ
कहीं हो न जाए तुम्हें कुछ मिरी जान गर्दन में अटका हुआ है दुपट्टा

बहुत सावधानी बरतनी पड़ेगी इसे मैं निकालूँगा ऐसे ही रहना
मैं पहुँचा हुआ आदमी हूँ बहुत ही निगाहों में खटका हुआ है दुपट्टा

कि तितली के पंखों से ज़्यादा हो नाज़ुक कहीं चुभ न जाए तुम्हें कोई काँटा
तुम्हें मैं निकालूँगा इन वादियों से कि काँटों में अटका हुआ है दुपट्टा

कभी दब रहा है मिरे पाँव से तो कभी दब रहा है तुम्हारे क़दम से
इधर दाएँ कुछ भी नहीं है तुम्हारे उधर पूरा लटका हुआ है दुपट्टा

यहाँ से वहाँ तक इधर से उधर तक बता ऐसी काँटों भरी वादियों में
कहाँ तक निकालूँगा ऐसे मैं काँटा कि पूरे में अटका हुआ है दुपट्टा

— Prashant Kumar

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