पलकें भिगो के ख़ुश हुई
आँखें ये रो के ख़ुश हुई
मैं उस को पा के ख़ुश हुआ
वो मुझ को खो के ख़ुश हुई
थी शहर से ख़फ़ा नदी
इक दिन डुबो के ख़ुश हुई
— Aditya Choudhary
आँखें ये रो के ख़ुश हुई
मैं उस को पा के ख़ुश हुआ
वो मुझ को खो के ख़ुश हुई
थी शहर से ख़फ़ा नदी
इक दिन डुबो के ख़ुश हुई
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