mujhe dekh kar tu jo ro pada mujhe ye bataa tujhe kya hua | मुझे देख कर तू जो रो पड़ा मुझे ये बता तुझे क्या हुआ

  - Faiz Ahmad

मुझे देख कर तू जो रो पड़ा मुझे ये बता तुझे क्या हुआ
कोई वास्ता कोई राब्ता मुझे ये बता तुझे क्या हुआ

मिरे हाल-ए-दिल की जो थी तुझे वो ख़्याल-ओ-फ़िक्र कहाँ गई
मिरी चारागर मिरी साक़िया मुझे ये बता तुझे क्या हुआ

वो जो हर घड़ी तुझे चाह थी मुझे देखने में जो राह थी
वो जुनून-ए-इश्क़ कहाँ गया मुझे ये बता तुझे क्या हुआ

मुझे रोज़-ओ-शब के मसाइलों की न फ़िक्र है न गरज़ कोई
मिरी जान-ए-मन मिरी दिल-रुबा मुझे ये बता तुझे क्या हुआ

तिरा 'इश्क़ तो बड़ा पाक था तुझे वसवसे भला आए क्यूँँ
तुझे किसने मुझ सेे जुदा किया मुझे ये बता तुझे क्या हुआ

शब-ए-क़द्र की वो हिकायतें वो शिकायतें तुझे याद हैं
मिरी वालिया मिरी राबिया मुझे ये बता तुझे क्या हुआ

तिरेे लहजे में ये कठोरपन भला आया क्यूँँ मिरी जान-ए-मन
मुझे ये बता तुझे क्या हुआ मुझे ये बता तुझे क्या हुआ

  - Faiz Ahmad

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