
जो दोस्तों से भी छुपाया मैं ने तुम वो राज़ थी
हमें तो बे-वफा़ई भी सिखाई, तेरे इश्क़ ने
तुम्हें ख़याल में भी जब छुआ तो बा-वुजू़ छुआ
शराबी को सिखाई पारसाई, तेरे इश्क़ ने
— Faiz Ahmad
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