हयात-ए-सोख़्ता-सामाँइकइस्तिअा'रा-ए-शाम
चमकचमककेबुझाहैकोईसितारा-ए-शाम
किसीकोफ़ाएदा-ए-शाम-ए-ख़ुश-ख़िसालमिला
किसीकेहिस्सेमेंलिक्खागयाख़सारा-ए-शाम
बुझारहेहैंचराग़-ए-शगुफ़्तगी-ए-बहार
समझचुकेहैंबहुतहमभीयेइशारा-ए-शाम
इसीक़दरहैहयात-ओ-अजलकेबीचकाफ़र्क़
येएकधूपकादरियावोइककिनारा-ए-शाम
जुनूँकीबज़्मसजीहैइसीकेसाएमें
किहमतोगिरनेनहींदेंगेयेमनारा-ए-शाम