उम्र जब तक जहान में गुज़रेपर तिरे दरमियान में गुज़रेदर गुज़र करना आदतें मेरीकोई लग़्ज़िश जो ध्यान में गुज़रेसादगी आदमी की ज़ीनत हैतो भला क्यूँ गुमान में गुज़रेयार सौ झूठ से ये अफ़ज़ल हैएक सच वो जो मान में गुजरे— Aktar ali