तूर-ए-सीना है सर करोगे मियाँ
अपने अंदर सफ़र करोगे मियाँ
तुम हमें रोज़ याद करते हो
फिर तो तुम उम्र भर करोगे मियाँ
वो जो इक लफ्ज़ मर गया है
उस को किस की ख़बर करोगे मियाँ
और दिल-ए-दरवेश एक मदीना है
तुम मदीने में सैर करोगे मियाँ
— Ali Zaryoun
अपने अंदर सफ़र करोगे मियाँ
तुम हमें रोज़ याद करते हो
फिर तो तुम उम्र भर करोगे मियाँ
वो जो इक लफ्ज़ मर गया है
उस को किस की ख़बर करोगे मियाँ
और दिल-ए-दरवेश एक मदीना है
तुम मदीने में सैर करोगे मियाँ
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