ये जो आँखों से मेरी बह रहे हैंतेरे होने का दुखड़ा सह रहे हैंहमें जब दाढ़ी तक आई नहीं थीतभी से शे'र अच्छे कह रहे हैं— Aman Mishra 'Anant'