ये जो आप के लिए ख़ुशी की बात हैये मेरे लिए तो ख़ुद-कुशी की बात हैशा'इरी जिसे पसंद थी कभी मेरीएक एक शे'र में उसी की बात हैकान खोल कर ज़रा सुनें सभी इसेशोर की नहीं ये ख़ामुशी की बात हैख़ामुशी से सहते रहते ठीक था 'अमन'मर्द हो के रो दिए हँसी की बात है— Aman Deep singh