फिर किसी को आ रहा यहाँ ख़याल इश्क़ काकोई कब से जी रहा लिए मलाल इश्क़ काजल रहा है दिल कहीं कहीं पे उठ रहा धुआँहर तरफ़ ही है मचा हुआ बवाल इश्क़ का— Rehaan