वो हमारी ज़िंदगी नाशाद कर दे
हो नहीं सकता मुझे बर्बाद कर दे
हार मानूंगा नहीं मैं अब तो क़िस्मत
तू भले कच्ची मेरी बुनियाद कर दे
प्यार तुझ से कर चुका हूँ हाए! दिलबर
मिस्ले गुलशन इश्क़ को आबाद कर दे
शा'इरी जब भी कभी तुझ को सुनाऊं
वाह कह कर हाथ से इर्शाद कर दे
पिंजरे में क़ैद कब तक तू रखेगा
उस परिंदे को अभी आज़ाद कर दे
आज सागर है बड़ा नाराज़ तुझ से
नज़्म से अपने उसे तू शाद कर दे
— Aniket sagar















