जिन के आँगन में अमीरी का शजर लगता है उन का हर ऐब ज़माने को हुनर लगता हैचाँद तारे मिरे क़दमों में बिछे जाते हैंये बुज़ुर्गों की दु'आओं का असर लगता हैमाँ मुझे देख के नाराज़ न हो जाए कहींसर पे आँचल नहीं होता है तो डर लगता है— Anjum Rehbar