भेद ज़रा बतला दे जोगी
जीवन क्या है गा दे जोगी
मत्था मेरा हत्था तेरा
नत्था से मिलवा दे जोगी
आँख का पानी सूख गया है
कारे घन बरसा दे जोगी
नगरी नगरी खोज रहा है
कोई गले लगा दे जोगी
कितनी बातें भूल गया है
इतनी और भुला दे जोगी
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