ये क़िस्सा पूर होना चाहिए था
बहुत मशहूर होना चाहिए था
तुम्हारी माँग क्यूँंँ ख़ाली है अब तक
यहाँ सिन्दूर होना चाहिए था
अरे तुम दिल में हो मेरे अभी तक
तुम्हें तो दूर होना चाहिए था
दिखाता सच अभी भी है सलामत
ये शीशा चूर होना चाहिए था
ठिकाने अक़्ल आती हुक्मरानों
तुम्हें मज़दूर होना चाहिए था
हमन होते बहुत भोले के प्यारे
हमन धर्तूर होना चाहिए था
— Anmol Mishra















