मुझ को किसी की ऐसी फ़ितरत नहीं पसंदचीज़ों की जिन को सच में क़ीमत नहीं पसंदमुझ को मुख़ालिफ़ों की रंजिश तो है क़ुबूललेकिन मुनाफ़िक़ों की क़ुर्बत नहीं पसंद— Ansar Etavi