अजीब शय से मिरी ज़िंदगी सलामत हैन ग़म बचा है न कोई ख़ुशी सलामत हैख़ुदा का नाम लिए जल रहा था तो देखाइन आँधियों में मिरी रौशनी सलामत है— Arbab Shaz