tumhaare bin bhi kar lega guzaara | तुम्हारे बिन भी कर लेगा गुज़ारा

  - A R Sahil "Aleeg"

तुम्हारे बिन भी कर लेगा गुज़ारा
सुनो चट्टान है ये दिल हमारा

दुआओं से नहीं हम को ग़रज़ अब
भले टूटे कहीं कोई सितारा

तुम्हारी ज़िद है तो तुम 'इश्क़ कर लो
इरादा था नहीं वैसे हमारा

हमारे साथ चल पाया न कोई
हमारा नाम तो सब ने पुकारा

चलो रिश्ता यहीं पर ख़त्म कर दो
न तुम मेरे न मैं अब हूँ तुम्हारा

ज़रा सी बात थी आहिस्ता कहते
ज़रा सी बात पे इतना ख़सारा

लिखो मैसेज हमें तुम हिज्र के अब
करो फ़ुर्क़त में ही अब तुम गुज़ारा

परी हो अप्सरा हो क्या हो बोलो
तुम्हे क्या अर्श से रब ने उतारा

ज़माने भर को है मालूम सब कुछ
तुम्हारा पैरहन किसने उतारा

हमीं से काहे को पर्दा रखा है
ज़माना कर चुका है जब नज़ारा

चलो उकता गए हो तुम भी 'साहिल'
यही बेहतर है कर लो अब किनारा

  - A R Sahil "Aleeg"

Dil Shayari

Our suggestion based on your choice

More by A R Sahil "Aleeg"

As you were reading Shayari by A R Sahil "Aleeg"

Similar Writers

our suggestion based on A R Sahil "Aleeg"

Similar Moods

As you were reading Dil Shayari Shayari