तुम्हें जब देखता हूँ होश अपने मैं खो देता हूँ
जुदाई के तसव्वुर से ही तुम से मैं रो देता हूँ
ख़ुदा तू बस मुझे वो गुल बना जिस को वो भी चू
में
तुझे बदले में जो भी चाहिए ले मैं वो देता हूँ
मुझे तू कर दे उस का पू रा मुतक़ाबिल न दे कोई
रक़ाबत में हमेशा ही मैं सब कुछ बस खो देता हूँ
— Mahesh Natakwala















