mujhe dariya banaana chahti hai | मुझे दरिया बनाना चाहती है

  - Aslam Rashid

मुझे दरिया बनाना चाहती है
ये दुनिया डूब जाना चाहती है

हमारी नींद की हसरत तो देखो
तुम्हें तकिया बनाना चाहती है

तुम्हारी याद सहरा के सफ़र में
हमारे साथ आना चाहती है

सितारो कौन उतरा है ज़मीं पर
नज़र क्यूँ सर झुकाना चाहती है

समुंदर से कोई इतना तो पूछे
नदी क्यूँ सूख जाना चाहती है

हमारी जान का सदक़ा उतारो
हमारी जान जाना चाहती है

  - Aslam Rashid

Promise Shayari

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