अभी हारा नहीं हूँ मैं अभी इक रात बाक़ी है
सभी ने रास्ता मोड़ा मगर जज़्बात बाक़ी है
ज़रा सुन ऐ मेरी हिम्मत मेरा तू साथ देना बस
जो बोला है पिताजी ने अभी वो बात बाक़ी है
अगर तुम कुछ नहीं हो तो करो मेहनत रखो हिम्मत
अभी कुछ कर गुज़रने की वही सौग़ात बाक़ी है
— ABHISHEK RANJAN















