"गुंडे"
एक वतन में तो कुछ गुंडे रहते थे
उन गुंडों से पहले लोग न डरते थे
गुंडों पर विश्वास किया सत्ता दे दी
अब वो गुंडा तानाशाही करता है
हर सरकारी चीज़ की करता नीलामी
जो बोले फिर उस पर छापा पड़ता है
जागो जनता उस को वापस मत लाना
देखो अब तुम बहकावे में मत आना
वरना फिर देखो अंजाम बुरा होगा
देश की हालत फिर बद से बदतर होगी
है मालूम मुझे कि तुम्हें लड़ाएँगे
तेरे हिस्से की रोटी वो खाएँगे
असली मुद्दे से तुम को भटकाएँगे
ठहरो ज़रा इलेक्शन आने वाला है
सोच समझकर जाओ तुम मतदान करो
भूल न जाना जाओ अपना मत देना
सब को देना गुंडों को न मत देना
वरना 'रंजन' देश नहीं बच पाएगा
डेमोक्रेसी ख़तरे में आ जाएगी















