हो जाओगे उस के, वो दुनिया का होने नइँ देतीतन्हाई अंदर से खाती है पर रोने नइँ देतीतेरी यादें हैं पूरी की पूरी तेरे जैसी हीमैं सोना चाहूँ भी तो मुझ को ये सोने नइँ देती— ayushi aagaz