जब तलक तेरा सहारा है मुझे
गहरा पानी भी किनारा है मुझे
आप मौजूद को रद्द करते हैं
मेरा मतरूक भी प्यारा है मुझे
न भी चमके तो कोई बात नहीं
तू तो वैसे ही सितारा है मुझे
मिल गई होगी ग़लत बस में नशिस्त
जिसने मंज़िल पे उतारा है मुझे
कौन मानेगा मेरे क़ातिल ने
बर्फ़ की नोख से मारा है मुझे
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