suno ghar pe akela main hooñ tum ko aaj aanaa hai | सुनो घर पे अकेला मैं हूँ तुम को आज आना है

  - Danish Balliavi

सुनो घर पे अकेला मैं हूँ तुम को आज आना है
मुझे बातें भी कर के वक़्त ये अपना बिताना है

तुम्हारे साथ मैं भी बैठ कर ऐ मेरी जाने मन,
फ़क़त अपनी ज़बाँ से प्यार का क़िस्सा सुनाना हैं

दिखा के प्यार तुमको पास धीरे से बुलाएँगे,
बहुत शिद्दत से तुमको यूँँ गले जी भर लगाना है

यही वा'दा है मेरा जो मुकम्मल भी करूँँगा मैं,
सही में तुमको हर पल के लिए दुल्हन बनाना है

इरादा प्यार का मेरा ज़रा तुम भी सुनो ''दानिश''
ख़ुशी के साथ जीना है ये क़ुर्बत को निभाना है

  - Danish Balliavi

Waqt Shayari

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