vo agar sach men KHafaa hai to KHafaa rahne do | वो अगर सच में ख़फ़ा है तो ख़फ़ा रहने दो

  - Danish Balliavi

वो अगर सच में ख़फ़ा है तो ख़फ़ा रहने दो
उसकी ख़्वाहिश है तो फिर मुझ सेे जुदा रहने दो

मेरी ता'रीफ़ यूँँ करके न सताओ उसको
फूल बाग़ों में खिला है तो खिला रहने दो

मत हँसाओ ये सुना कर के लतीफ़े मुझको
ग़म अगर दिल में जमा है तो जमा रहने दो

मैं उठाता हूँ ये तलवार दिखावे के लिए
मेरे दुश्मन को ज़रा ख़ौफ़-ज़दा रहने दो

चूम लो आँख से तुम यार के तलवे 'दानिश''इश्क़ का सर पे नशा है तो नशा रहने दो

  - Danish Balliavi

Basant Shayari

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