अपनी औक़ात व जज़्बात बता कर रख दोअपने दुश्मन की सभी हस्ती मिटा कर रख दोतुम को दिल्ली की सियासत नहीं जीने देगीज़िंदा रहना है तो आतंक मचा कर रख दो— Danish Balliavi