अब हमें उस पार से मतलब नहीं
कह दिया ना यार से मतलब नहीं
अश्कों का दरिया बना कर रख गया
कह रहा जो प्यार से मतलब नहीं
है हमारे हाथ में जो फूल इक
फूल का गुलज़ार से मतलब नहीं
मैं उसे जो आ रहा था चूम कर
पर मिरा रुख़सार से मतलब नहीं
सुब्ह होती है मिरी बारह बजे
इस लिए अख़बार से मतलब नहीं
हाथ से शमशीर को कस के पकड़
कम भले हो धार से मतलब नहीं
कर गुज़र लश्कर को पूरा ढेर अब
फिर बचे दो चार से मतलब नहीं
हो अगर ज़िंदा तो फिर लड़ते रहो
जीत हो या हार से मतलब नहीं
हम वफ़ा को बाँटते हैं मुफ़्त में
हाँ हमें व्यापार से मतलब नहीं
— Deva morya 'Raahi'















