मुझ दरिया का ख़ाली होना बाकी है
जब तक मेरा रोना धोना बाकी है
उस की यादें मन से ओझल कर दीं बस
दिल के कमरे का इक कोना बाकी है
सिगरिट ने होंठों को छू कर के पूछा
क्या ग़म है जो दिल में बोना बाकी है
मैं ने जितना खोया सोचा काफ़ी था
तुम कहते हो ज़्यादा खोना बाकी है
— Deva morya 'Raahi'















