
नज़र आईं न मुझ को वो जब अपने घर के आगे
तो धीमी पड़ गई धड़कन मेरी फिर दर के आगे
तरस खाकर मेरी हालत पे वो रोती रही पर
क़दम अपने बढ़ा पाई न अपने डर के आगे
— Dipendra Singh 'Raaz'
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