
ये सोच कर के कि उस ने किया है याद मुझे
मैं मेरी उँगलियों पे हिचकियों को गिनता रहा
पलट के उस ने कराया न मुझ को चुप लेकिन
तमाम रात मेरी सिसकियों को गिनता रहा
— Dipendra Singh 'Raaz'
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