इश्क़ और हवस, दो अलग बातें हैंपनाह और क़फ़स, दो अलग बातें हैंहै सारा ग़म यही कि दुनिया की बातों मेंमैं और तू हमनफ़स, दो अलग बातें हैं— Sushrut Tiwari