हम मुनाफ़िक़ की किसी बात में आएँगे नहींचाहे तन्हा रहें जज़्बात में आएँगे नहींज़र्फ़ वाले हैं मुहब्बत है हमारा पेशाया'नी कुछ भी हो ख़ुराफ़ात में आएँगे नहीं— Hameed Sarwar Bahraichi