bhool jaana tujhe nahin mushkil | भूल जाना तुझे नहीं मुश्किल

  - Harman Dinesh

भूल जाना तुझे नहीं मुश्किल
जानता हूँ, मगर नहीं होता

  - Harman Dinesh

Bekhabri Shayari

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    मैं जिसे ओढ़ता बिछाता हूँ
    वो ग़ज़ल आप को सुनाता हूँ

    एक जंगल है तेरी आँखों में
    मैं जहाँ राह भूल जाता हूँ
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    Dushyant Kumar
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    जो अंजान थे वो मेरे यार निकले
    मगर जो भी अपने थे बेकार निकले

    ज़मीं खा गई उन वफ़ाओं को आख़िर
    सितम ये हुआ हम गुनहगार निकले
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    Hameed Sarwar Bahraichi
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    सुब्ह तक वज्ह-ए-जाँ-कनी थी जो बात
    मैं उसे शाम ही को भूल गया
    Jaun Elia
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    या'नी तुम वो हो वाक़ई हद है
    मैं तो सच-मुच सभी को भूल गया
    Jaun Elia
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    सारे ग़म भूल गए आपके रोने पे मुझे
    किसको ठंडक में पसीने का ख़्याल आता है

    आखरी उम्र में जाते है मदीने हम लोग
    मरने लगते है तो जीने का ख्याल आता है
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    Nadir Ariz
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    किसी को याद रख के भूल जाना
    किसी का भूल जाना याद रहना
    Rachit Dixit
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    ऐ शौक़-ए-नज़ारा क्या कहिए नज़रों में कोई सूरत ही नहीं
    ऐ ज़ौक़-ए-तसव्वुर क्या कीजे हम सूरत-ए-जानाँ भूल गए
    Asrar Ul Haq Majaz
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    गुलाब जैसे होंठो ने छुआ था गालों को
    इसीलिए न भूल पाया बीते सालों को
    Nirbhay Nishchhal
    रास्ता भूल के आ निकले हैं
    हम तेरे लोग नहीं थे दुनिया
    Ashraf Yousafi
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    यहांँ अनजान हो तुम भी यहांँ अनजान हैं हम भी
    किसी की जान हो तुम भी किसी की जान हैं हम भी

    बड़े नादान हो तुम भी बड़े नादान हैं हम भी
    अतः वीरान हो तुम भी अतः वीरान हैं हम भी
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    Vivek Vistar

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    हमने ग़ज़लों में हुक़ूमत को लिखी है 'लानत
    धमकियाँ आती हैं, इनआम तो आने से रहा
    Harman Dinesh
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    तेरे वादों को फिर से पढ़ रहा हूँ
    तेरे ख़त पानी पानी हो रहे हैं
    Harman Dinesh
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    जो तुम्हें मंज़िल पे ले जाएँगी वो राहें अलग हैं
    मैं वो रस्ता हूँ कि जिस पर तुम भटक कर आ गई हो
    Harman Dinesh
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    यूँ तो सर्कस में हम बहुत ख़ुश हैं
    फिर भी जंगल तो यार जंगल था
    Harman Dinesh
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    गिफ्ट कर देता हूँ उसको मैं किताबें, लेकिन
    उनको पढ़ लेने की मोहलत नहीं देता उसको
    Harman Dinesh
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