दिल से मुझे उसको भुलाना है अभी
सो फूल इक प्यारा लगाना है अभी
कुछ ऐसे उसने तोहफा माना नहीं
ये गिफ्ट रक्खो घर में जाना है अभी
होता नहीं अब सब्र शब है ये तो क्या
खोलो ये खिड़की मुझको आना है अभी
बातें छुपाना बंद कर दो हर्ष तुम
इज़हार करने का ज़माना है अभी
हम ही मनाएंगे भी पर पहले तो
इक नाम से उसको जलाना है अभी
Our suggestion based on your choice
As you were reading Shayari by Harsh Raj
our suggestion based on Harsh Raj
As you were reading Valentine Shayari Shayari