"जो मेरी याद आए तो"
जो मेरी याद आए तो
मिरी जाँ मुस्कुरा लेना
मिरी नज़्मों को पढ़ लेना
मिरी ग़ज़लों को गा लेना
कभी सब को सुना देना
कभी ख़ुद को सुना लेना
जो मेरी याद आए तो
मिरी जाँ मुस्कुरा लेना
जो गुज़रा वक़्त याद आए
तो तुम हरगिज़ नहीं रोना
मिरी मस्ती भरी बातों से
तुम ख़ुद को हँसा लेना
जो मेरी याद आए तो
मिरी जाँ मुस्कुरा लेना
कभी सर्दी की रातों में
जो मेरा फ़ोन याद आए
उन्हीं यादों में खो जाना
यूँ ही ख़ुद को सुला लेना
जो मेरी याद आए तो
मिरी जाँ मुस्कुरा लेना
अगर कॉलेज की देरी का
तुम्हें ख़दशा ज़रा भी हो
मिरी यादों की आहट से ही
तुम ख़ुद को जगा लेना
जो मेरी याद आए तो
मिरी जाँ मुस्कुरा लेना
मिरी यादें कभी तन्हा
तुम्हें होने नहीं देंगी
मिरी यादों को जान-ए-जाँ
फ़क़त अपना बना लेना
जो मेरी याद आए तो
मिरी जाँ मुस्कुरा लेना















