"तुम्हारी याद"

तुम्हारी याद आते ही दिल को थाम लेता हूँ
तुम्हें ही याद करता हूँ तुम्हारा नाम लेता हूँ
तुम्हारी याद लाती है तबस्सुम मेरे चेहरे पर
ख़यालों में संवरता हूँ निकल आते सुनहरे पर
तुम्हारा याद आना ज़िन्दगी दुश्वार होना है
तुम्हारी याद खो जाना मेरा बीमार होना है
तुम्हारी याद आती है तो सब कुछ भूल जाता हूँ
मैं जब कुछ भूल जाता हूँ तुम्हारी याद आती है
तुम्हारी याद आती है तो आँखें बंद करता हूँ
मैं आँखें बंद करता हूँ तुम्हारी याद आती है
तुम्हारी याद आने से तुम्हारी याद जाने तक
जो वक़्फा भी गुजऱता है तुम्हारी याद आती है

— S M Afzal Imam

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