वो लड़की याद आती है
बला की ख़ूब-सूरत थी
वो चलती फिरती मूरत थी
मिरे दिल की ज़रूरत थी
वो लड़की याद आती है
सलीक़े से ज़रा शहरी
समुंदर सी मगर गहरी
नज़र मेरी जहाँ ठहरी
वो लड़की याद आती है
कि जिस बिन दिल नहीं बहले
ज़बाँ के बिन भी सब कह ले
जिसे देखा बहुत पहले
वो लड़की याद आती है
बहुत फ़ुर्सत से देखा था
बहुत उलफ़त से देखा था
बड़ी शिद्दत से देखा था
वो लड़की याद आती है
बहकते दिन हसीं रातें
सभी दिलकश मुलाक़ातें
वो उस की बे-सबब बातें
वो लड़की याद आती है
जब उस का नाम सुनता हूँ
जब उस के ख़्वाब बुनता हूँ
सुनहरे लम्हें चुनता हूँ
वो लड़की याद आती है















