किसी लिबास की ख़ुशबू जब उड़ के आती है
तेरे बदन की जुदाई बहुत सताती है
तेरे गुलाब तरसते हैं तेरी ख़ुशबू को
तेरी सफ़ेद चमेली तुझे बुलाती है
तेरे बग़ैर मुझे चैन कैसे पड़ता हैं
मेरे बगैर तुझे नींद कैसे आती है
— Jaun Elia
तेरे बदन की जुदाई बहुत सताती है
तेरे गुलाब तरसते हैं तेरी ख़ुशबू को
तेरी सफ़ेद चमेली तुझे बुलाती है
तेरे बग़ैर मुझे चैन कैसे पड़ता हैं
मेरे बगैर तुझे नींद कैसे आती है
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