दरख़्त के सहारे बुलंदी से हम-कनार होने वाली बेल अपनी ख़ुसूसियत से महरूम नहीं हो जातीदरख़्त में अपनी शनाख़्त मुदग़म नहीं कर देतीतुम अगर दरख़्त नहीं बन सकतेतोबेल हो जाओ— Javed Nadeem