वो जब मिलता तो हम पागल हो जाते थे
उसकी नज़रों से हम घायल हो जाते थे
उसने तो बस पानी लाने को कहना था
हम एक इशारे पर बादल हो जाते थे
उसने तो बस बजने की कहना था मुझ सेे
हम उसके पैरों की पायल हो जाते थे
उसने जब भी गालों से बहना होता था
हम उसकी आँखों के काजल हो जाते थे
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