जो नहीं होना था हो गया है
ये मिरे साथ क्या हो गया है
और कोई नहीं है मिरा अब
दर्द से वास्ता हो गया है
है बहुत डर मुझे टूटने का
दिल मिरा आइना हो गया है
इश्क़ में अब सभी हैं गुज़रते
क्या बदन रास्ता हो गया है
इश्क़ में जीत कर फिर मिला क्या
यार ही जब जुदा हो गया है
— Jitendra "jeet"















